
आदमी को आदमी के काम आना चाहिए।
फर्ज कुछ इंसानियत का भी निभाना चाहिए।
नफरतों की बह रही जालिम हवा चारों तरफ,
प्यार का पैगाम सबके बीच जाना चाहिए।
जिंदगी की मुश्किलों से हारना बिल्कुल नहीं,
आंसुओं से अपनी पलकों को सजाना चाहिए।
झूठ के रिश्ते अनूठे गढ़ रहे जो खुद-ब-खुद,
वह कसौटी सच की सबको आजमाना चाहिए।
जिंदगी एक खेल है और सब इसके खिलाड़ी,
हार में भी जीत का अंदाज आना चाहिए।
वाई.वेद प्रकाश
द्वारा विद्या रमण फाउंडेशन
शंकर नगर, मुराई बाग, डलमऊ, रायबरेली उत्तर प्रदेश 229207
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