
हर दिश बहुरंग संग हरीतिमा
कौन भू पर इन्द्रधनुष लाया है
इतराती तितलियाँ फूल फूल
हर फूल पर नर्तन पाया है
हर ओर सौरभ बिखरी
ये किसने इत्र फैलाया है
मानो स्वर्ग से देवो ने
सुमनों को बिखराया है
मस्त मगन सुहानी पवन ने
फ़ूलों संग मेल मिलाया है
हर पल हर क्षण हर श्वास में
खुशबु का मिलन पाया है
भानू की किरणें जब बिखरें
आनंद संग मदहोश पाया है
आनंदपूर्ण मदहोशी के संग
स्फूर्ति की लहर को पाया है
मीनाक्षी शर्मा मनुश्री




