
श्याम की धुन
राधा हो गई मगन
मौन लगन
कुंज गली में
नाम वही दिल में
है राधा-श्याम
यमुना तीर
बैठी है राधा पीर
प्रेम प्रवाह
मैं विसर्जन
हुई तू तू में लीन
राधा दर्शन
नैन निहारे
श्याम सलोने न्यारे
राधा के प्यारे
राधा का भाव
कृष्ण लीन स्वभाव
मिटा अभाव
राधा की प्रीत
कृष्ण चरण मीत
अद्वैत गीत
राधा का नाम
पहुँचे कृष्ण धाम
शेष न काम
कुंज की छाया
कृष्ण की सब माया
राधा ही शून्य
अहं का अंत
राधा हुई अनंत
क्षण ठहरा
डाॅ सुमन मेहरोत्रा
मुजफ्फरपुर, बिहार




