विशेष दिव्यांगों को गति देने के लिए उत्तरी भारत एवं जयपुर के फ्रीमेसन्स द्वारा आयोजित निशुल्क अंगदान शिविर
’राव’ शिवराज पाल सिंह

जयपुर। सेवा और करुणा की गहरी भावना के साथ, उत्तरी भारत की क्षेत्रीय ग्रैंड लॉज के तत्वावधान में प्रोजेक्ट डिग्निटी तथा फ्रीमेसन्स सोसायटी, जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण अंगदान (लिम्ब डोनेशन) शिविर का आयोजन किया श्री भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति में किया गया। इस श्रृंखला का यह पहला शिविर विशेष रूप से हाथ-पैर खो चुके दिव्यांग व्यक्तियों को गतिशीलता, आत्मविश्वास और आशा प्रदान करने के लिए समर्पित था ।
शिविर 3 फरवरी को दोपहर 1:00 बजे प्रारंभ हुआ, जिसका उद्घाटन रीजनल ग्रैंड मास्टर राइट वर्षिपफुल ब्रदर पुनीत सोहल तथा जयपुर की तीनों लॉज के वर्तमान वर्षिपफुल मास्टर ब्रदर अमरदीप सिंह, ब्रदर समीर भार्गव और ब्रदर पुष्पेंद्र सिंह राष्ट्रवर ने दीप प्रज्वलन कर किया। भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति (बीएमवीएसएस), कैलगरी रोड, मालवीय नगर, जयपुर में आयोजित इस शिविर में बी एम वी एस एस संस्था के विशेषज्ञों द्वारा कृत्रिम अंगों को बनाने की पूरी विधि को सदस्यों को लाइव दिखाया गया। ‘जयपुर फुट’ के लिए विश्व-विख्यात संस्था बीएमवीएसएस इस कार्यक्रम की तकनीकी सहभागी थी, जो कृत्रिम अंगों के फिटिंग एवं कैलिब्रेशन के कार्य के लिए विश्व विख्यात है और जो अपनी स्थापना से आज तक दो लाख पचास हजार लोगों को पूर्णतया निःशुल्क अंग प्रदान कर दिव्यांगों के जीवन में आशा की किरण ला चुकी है।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता नॉर्थ जोन के रीजनल ग्रैंड मास्टर राइट वर्शिपफुल ब्रदर पुनीत सोहल ने की, इस अवसर पर प्रोजेक्ट डिग्निटी के कॉर्डिनेटर ब्रदर सुनील मेहरा, वर्षिपफुल ब्रदर विनोद शर्मा तथा जयपुर एयरफोर्स स्टेशन कमांडर ग्रुप कैप्टन विनय भारद्वाज तथा सीनियर मेडिकल ऑफिसर स्क्वाड्रन लीडर डॉ मनमोहन सिंह राठौर तथा जयपुर के तीस से अधिक फ्रीमेसन ब्रदर्स उपस्थिति थे। उनकी भागीदारी फ्रीमेसन्स के सहायता, सत्य और बंधुत्व प्रेम के सिद्धांतों को रेखांकित करती है।
इस शिविर का लक्ष्य लाभार्थियों को निःशुल्क, उनके अनुरूप ढाले गए उच्च गुणवत्ता वाले कृत्रिम अंग प्रदान करना था, जिससे वे पुनः स्वावलंबन प्राप्त कर सकें और समाज की मुख्यधारा में पूर्ण रूप से शामिल हो सकें। फ्रीमेसन्स का मानना है कि सही मायने में व्यक्ति की गरिमा आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास के साथ जीवन जीने की क्षमता से जुड़ी हुई है। कार्यक्रम के बाद इस आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए क्षेत्रीय ग्रैंड लॉज द्वारा तीनों लॉज को स्मृति चिन्ह के साथ वर्षिपफुल ब्रदर अमरदीप सिंह सोनी, ब्रदर पंकज जैन तथा ब्रदर शशांक अग्रवाल को सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस पहल के लिए हमारा सूत्र वाक्य है: ‘क्योंकि गरिमा की शुरुआत अपने पैरों पर खड़े होने की क्षमता से होती है।’ हम समुदाय, मीडिया और हितैषियों से आग्रह करते हैं कि वे जीवन बदलने के इस प्रयास में हमारा साथ दें। आपके समर्थन से हम और अधिक जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सकते हैं और एक सार्थक बदलाव ला सकते हैं।” इस कैंप में फ्रीमेसन्स संस्था द्वारा राज्य और देश भर से आये 32 दिव्यांगों को निःशुल्क कृत्रिम अंग भेंट किये गये।

अंगदान शिविर (निःशुल्क कृत्रिम अंग फिटमेंट)
· तिथि: 3 फरवरी
· समय: दोपहर 1:00 बजे हुआ
· स्थल: भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति (बीएमवीएसएस), कैलगरी रोड, मालवीय नगर, जयपुर।
· आयोजक: प्रोजेक्ट डिग्निटी – उत्तरी भारत की क्षेत्रीय ग्रैंड लॉज एवं फ्रीमेसन्स सोसायटी, जयपुर।
· तकनीकी सहयोगी: भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति (बीएमवीएसएस)।
(फ्रीमेसन्स संस्था : विश्व बंधुत्व पर आधारित यह एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जिसकी स्थापना ईस्वी सन् 1717 में इंग्लैंड में हुई थी। भारत में इस संगठन का पहला लॉज ईस्वी सन् 1730 में खुला। आज विश्व भर में इसके पचास लाख से अधिक सदस्य हैं, जो सभी एक दूसरे को न केवल नाम के साथ ब्रदर कह कर पुकारते हैं बल्कि सगे भाई से भी अधिक रिश्ते निभाते भी हैं।
फ्रीमेसन्स का सिद्धांत Brotherly Love, Relief and Truth के साथ “To make a better man best” है।
उत्तरी भारत की क्षेत्रीय ग्रैंड लॉज एवं फ्रीमेसन्स सोसायटी, जयपुर के बारे में: फ्रीमेसनरी वैश्विक बंधुत्व का हिस्सा, ये संगठन अपने सदस्यों के नैतिक एवं आध्यात्मिक विकास के साथ-साथ समाज सेवा, चिकित्सा सहायता और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। जयपुर में इसकी तीन लॉज है, सबसे पुरानी लॉज कोहिनूर है, लॉज जेवियर्स और लॉज राजपूताना अपेक्षाकृत नई हैं। Freemassons की सदस्यता व्यक्ति के व्यवहार, चरित्र, परोपकार और समाज के प्रति समर्पण की पूरी छानबीन के बाद ही वर्तमान सदस्यों की सिफारिश पर दी जाती है।) फोटो संलग्न हैं
’राव’ शिवराज पाल सिंह




