
चलो रे चलो अयोध्या चलें
मंदिर में प्रतिष्ठापित रामलला देखें।
1-वक्त वक्त की बात है अद्भुत,
त्रेता से कलियुग में जो हैं अमर,
नाम है जिनका अनादि-अनन्त।
कभी किया वनवास औ टैंटवास,
आज अखिल विश्व में शोर हुआ,
मंदिर में हुए विराजित रामलला।
2-मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाते जो,
जीवन जीना सिखलाते हैं जो,
विनम्र विमल-नेह अद्वितीय कला,
ज्योतित मुस्कान छवि वदन सोहे,
सिय संग पवन-सुत उर बैठे जो,
मंदिर में विराजित हुए रामलला।
3-अवध में रौनक छाई है, ऐसी बयार आई है,
द्युति दामिनी दमक रही, जो राम जन्म की तिथि,काल औ बेला दोहराई है,
पुनि-पुनि देवालय में अवतरित हो, मंदिर में विराजित हुए रामलला।।
चलो रे चलो अयोध्या चलें
मंदिर में प्रतिष्ठापित रामलला देखें।
4-आ रही है रामनवमी,
धूम होगी अवध में,
गलियों गलियों बजे बधाई,
कनक भवन की सज्जा न्यारी,
मध्यान्ह अवतरण-काल है।
भोग-प्रसाद हाथ भर लें लो।
मन से तृप्त हो चल दो।।
चलो रे चलो अयोध्या चलें
मंदिर में प्रतिष्ठापित रामलला देखें।
रचनाकार –
सुषमा श्रीवास्तव, मौलिक सृजन ©®, रूद्रपुर, ऊधम सिंह नगर,उत्तराखंड।




