
‘वह अल्लाह है जिसने तुम्हे बनाया, तुम्हें रहने के लिए ज़मीन और आसमान को छत बनाया, और तुम्हें जीविका प्रदान की। अल्लाह तुम्हारा रब है।
तुम्हारे रब ने फ़रिश्तों से कहा – मैं ज़मीन पर एक मानव सत्ता स्थापित करने जा रहा हूं।
सभी इंसान एक ही आदम की संतान हैं और इसलिए सभी एक दूसरे के भाई हैं।
अल्लाह ने तुम में से हर एक के लिए कानून और उस पर अमल करने के अलग तरीक़े बनाए हैं। वह सबको एक ही समुदाय बना सकता था, लेकिन वह देखना चाहता है कि तुम अलग विचारों के साथ कैसे रह पाते हो। इसलिए सिर्फ अच्छा काम करने में एक दूसरे के साथ प्रतिस्पर्धा करो।
इस धरती पर बिगाड़ की इच्छा मत करो। फसाद मत फैलाओ। अल्लाह बिगाड़ या फ़साद करने वालों को बिल्कुल भी पसन्द नहीं करता।
हर इंसान की रहमदिली ईमान की निशानी है। जिसमें रहम नहीं उसमें ज़र्रा बराबर भी ईमान नहीं। जो दूसरे के प्रति रहम दिल होते हैं अल्लाह भी उनकी ही मदद करता है।
न्याय करो, क्योंकि अल्लाह को न्याय करने वाला सबसे प्रिय है। जो लोग न्याय करते हैं, वे अल्लाह के सबसे नज़दीक हैं।
क़ुरान मज़ीद के शांति, सद्भाव, न्याय और मानवीयता के इन संदेशों के साथ आप सभी देशवासियों को और तमाम अहल-ऐ इस्लाम को ईदुल फ़ितर की दिली मुबारकबाद।
शेख रहमत अली “बस्तवी”
बस्ती (उ. प्र.)
7317035246




