एक किताब है जीवन
असंख्य पन्नो पे लिखा हुआ
एक एक पन्ना रोज ही
पढ़ जाता हूँ मैं
कुछ न कुछ रोज ही
सीख जाता हूँ मैं
कितने ही लोगों ने मिलकर लिखी है
कितनो के हस्ताक्षर हैं इसपर
हर शख्स के लिए
दुआएं पढ़ जाता हूँ मैं
जिंदगी की इस किताब में शामिल
सब का शुक्रिया अदा करता हूँ मैं।
©संजय मृदुल




