साहित्य

फायकू पगडंडी

डाॅ सुमन मेहरोत्रा

पगडंडी कहती चलना सीखो
राह भले छोटी
तुम्हारे लिए

कदम-कदम पर धूल
हौसला भरा हो
तुम्हारे लिए

वन छाया साथ निभाती
चिड़ियाँ गीत सुनाती
तुम्हारे लिए

पगडंडी चाल टेढ़ी-मेढ़ी
मंजिल दूर दिखे
तुम्हारे लिए

साहस से जो बढ़ते
उनके भाग्य जगमगाए
तुम्हारे लिए

पगडंडी ने गाँव बसाए
खेतों से रिश्ता
तुम्हारे लिए

काँटों से सीख मिली
फूलों का संदेश
तुम्हारे लिए

धैर्य रखो सुख मिलते
जीवन का संदेश
तुम्हारे लिए

पगडंडी का पथ सिखलाता
श्रम कीमत अमूल्य
तुम्हारे लिए

मिट्टी की खुशबू मिलकर
जीवन गीत सुनाती
तुम्हारे लिए

पगडंडी का अर्थ यही
सरल राह अपनानी
तुम्हारे लिए

सत्य कर्म धूल सजाकर
मंजिल तक पहुँचानी
तुम्हारे लिए

डाॅ सुमन मेहरोत्रा
मुजफ्फरपुर, बिहार

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