
शिव गण है गण के शिव गौरा पार्वती ।
पहले शिव की अर्धांगिनी थी नाम सती ।।
है गणगौर त्यौहार बहुत सौभाग्यशाली ।
कुंवारी व विवाहिता इसको रखें निराली ।।
सुंदर पति और सौभाग्य यह है देने वाला ।
शक्ति और शिव से भी ये है जोड़ने वाला ।।
मिट्टी के शिव और संग सब पार्वती बनाएं ।
सोलह उपचारों से पूजन कर पूर्ण कराएं।।
धूप , दीप , नैवेद्य प्रेम से सब इन्हें चढ़ायें।
पार्वती , परमेश्वर के श्रद्धा से गुण गायें ।।
त्योहारों का देश आज सब है इसे मनाते ।
पूज्ये प्रथम गणेश गुणी गुण गौरा गाते ।।
मक्खन मन में मोद महत्तं इसका भारी ।
श्रद्धा से नर नारी पूजत गौरा त्रिपुरारी ।।
डा राजेश तिवारी मक्खन
झांसी उ प्र




