साहित्य

सज गया मां का दरबार

डॉ. अनीता शाही सिंह

गूंज रहा चारों तरफ़ तेरा ही जयकारा मां
पृथ्वी और गगन से
परम पूजिता, महा पुनीता
जय दुर्गा जगदम्बे मां
सज गए मंदिर देवी के
लग गए नए पंडाल
जिस घर में होती माता की पूजा
रोशन हो जाए उसका जीवन
मां की कृपा से बरसे अन्न धन
और बरसे ममता का सावन
तू ही सुखदात्री, तू ही कष्टहरणी मां
तू ही रक्षाकारिणी, तू ही पालनकारिणी मां
शुभ आगमन है मां, शुभ आगमन है
नौ दिनों का मैं करती उपवास व्रत
हम सभी का कल्याण करों मां।।

डॉ. अनीता शाही सिंह
असिस्टेंट प्रोफेसर
प्रयागराज

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