
नारी घर की मान, स्नेह दे प्यार जताती।
जीवन भर सम्मान, सदा आदर जतलाती।
दिनभर करती काम, तभी वह आदर पाती
सशक्तिकरण प्रभाव, दिखा नाम कमाती।।
सशक्तिकरण विचार, सदा महिला मन रखती।
मर्यादा के संग, काम वह प्रतिदिन करती।
दिया संतान जन्म, वंश को वही बढ़ाती।
हरपल देती नेह, संतान सदा पढ़ाती।
बेटी का व्यवहार, पिता से प्यार जताती।
भाई बहन विशेष, हृदय से उसे लगाती।
खुशी आज चहुँ ओर, मान ती दुनिया सारी।
भारत पुरुष प्रधान, निभाती जिम्मेदारी।।
स्वरचित सर्वाधिकार सुरक्षित
डॉ उषा अग्रवाल जलकिरण
छतरपुर मध्यप्रदेश




