साहित्य

नौ सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली – लोकोक्ति

मुकेश कुमार दीक्षित 'शिवांश'

चली देख लो बिल्ली हज को
नौ सौ चूहे खाकर
बिल्ली कैसे खाती दादू
इतने चूहे लाकर?

दादा बोले जीवन भर जो
पाप कर्म ही करता,
पर सहसा अच्छा बनने का
ढोंग रचाने लगता।

ऐसे ढोंगी के बारे में
कहते हैं सब आकर,
चली देख लो बिल्ली हज को
नौ सौ चूहे खाकर।

मुकेश कुमार दीक्षित ‘शिवांश’
चंदौसी
मो ०- 8433013409

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