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भारत ओर छोर से भक्तगण सैलाब था अयोध्या धाम में।
सदियों संघर्ष का पूर्ण हुआ ख्वाबअयोध्याधाम में।।
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शताब्दियों की प्रतीक्षा बाद प्राण प्रतिष्ठा क्षण आया था।
साक्षात सामने रामलला मूरत का श्यामल वर्ण आया था।।
हर कोना-कोना राममय श्रृंगार नायाब अयोध्या धाम में।
सदियों संघर्ष का पूर्ण हुआ ख्वाबअयोध्याधाम में।।
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विलक्षण विहंगम प्रतिमा प्राणप्रतिष्ठा हुई अयोध्याधाम में।
राजाराम रामराज्य की सिद्ध प्रतिष्ठा हुई अयोध्याधाम में।।
हर मिथक का सिद्ध सत्य जवाब था अयोध्या धाम में।
सदियों संघर्ष का पूर्ण हुआ ख्वाबअयोध्याधाम में।।
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मां भारती के चरणों में सनातनसंस्कृति ने स्पर्श किया था।
हमारे पुरातन संस्कारों नेअयोध्या में व्यक्त हर्ष किया था।।
मानवता आदर्श राम का हरओर लगावअयोध्याधाम में।
सदियों संघर्ष का पूर्ण हुआ ख्वाबअयोध्याधाम में।।
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रचयिता।।एस के कपूर”श्री हंस”
बरेली।।
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