
वीणापाणि के आर्शीवाद से कवि के कलम से रची गई शब्दों की माला।
देते ज्ञान, जीवन जीने का सीखाते ढंग निराला ।
गम में भी ढूँढते खुशी, शब्दों का होता जादू ।
कुछ न होने पर भी यार्थात से कल्पना तक जीने में रखते काबू ।
वाणी से जिनके निकलते सुन्दर शब्द ।
समाज में होती उनकी सदा कद्र ।
हर किसी के लिए जीवन आसान नहीं होता ।
पर संयम रख जो सदा सद्वचन बोलता ।
अपनी वाणी तोल शब्द निकालता ।
उनकी वाणी सुन मन प्रसन्न हो जाता ।
पर कुछ लोग शब्दों का हेर फेर करते ।
अपनी वाणी से अक्सर कलह कलेश की बात करते ।
उनके पास बैठने से अक्सर लोग कतराते ।
तभी तो शब्दो के जादू का दोनो पक्ष होता अनोखा ।
कुछ को मिलती खुशी तो किसी को मिलता धोखा ।
निवेदिता सिन्हा
गया जी, बिहार




