
इस अज्ञानी पर कृपा,हे गणपति भगवान।
उपासना कैसे करूंँ,मुझे न किंचित ज्ञान।
कर दो बेड़ा पार प्रभु,नाव फँसी मझदार,
लिखती उर की भावना, करिए कष्ट निदान।।
रिद्धि सिद्धि दातार हैं,विघ्न हरण गणराज।
एकदंत महाराज का, सुमिरण कीजै आज।
महिमा बड़ी अपार है,रखते सबका ध्यान,
करते पूरण सर्वदा,गीता का हर काज।।
लक्ष्य साधना पर सदा,रखो मनुज नित ध्यान।
धैर्य हृदय में धारकर,पथ का लें संज्ञान।
रिद्धि सिद्धि की प्राप्ति हो, पूजें प्रथम गणेश,
करते बुद्धि प्रदान हैं,करते कृपा महान।।
प्रथम पूज्य गणराज हैं, तिलक सोहता भाल।
परि परिजन परिवार का, रखें सदा ही ख्याल।
दुर्वा मोदक प्रिय लगे,छंद शास्त्र का ज्ञान,
करता जो भी ध्यान है,खुश रहता हर हाल।।
डॉ गीता पांडेय अपराजिता
सलोन रायबरेली उत्तर प्रदेश




