बिहार

आचार्यकुल की राष्ट्रव्यापी ‘प्रबोधन यात्रा’ 2026

जहानाबाद । आचार्यकुल के राष्ट्रीय प्रवक्ता सत्येन्द्र कुमार पाठक ने आज आधिकारिक वक्तव्य जारी करते हुए बताया कि संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व कुलपति आचार्य (डॉ.) धर्मेंद्र के कुशल नेतृत्व में आचार्यकुल वर्ष 2026 को ‘प्रबोधन और विस्तार वर्ष’ के रूप में मनाएगा। इसके साथ ही, वर्ष 2027-28 में संगठन की स्थापना के 60 वर्ष पूर्ण होने पर ‘हीरक जयंती’ (षष्ठी पूर्ति वर्ष) का ऐतिहासिक आयोजन किया जाएगा। राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री पाठक ने कहा कि आचार्यकुल का लक्ष्य केवल संख्यात्मक विस्तार नहीं, बल्कि वैचारिक क्रांति है। उन्होंने आगामी कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि:।12 जनवरी से आगाज: ‘अध्यात्म विज्ञान विश्वास दिवस’ के साथ वैचारिक सत्रों की शुरुआत होगी। युवाओं पर फोकस: 30 जनवरी को गांधी-विनोबा के विचारों को लेकर शिक्षण संस्थानों में विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रबोधन यात्रा (11 सित. – 11 अक्टू.): यह एक महीने की यात्रा देश के विभिन्न अंचलों में आचार्यकुल के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुँचाएगी। प्रत्येक जिले के लिए ’60-60′ का लक्ष्य श्री पाठक ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देशानुसार, हीरक जयंती वर्ष के संकल्प के रूप में प्रत्येक पदाधिकारी को 60 गांवों और 60 विद्यालयों में आचार्यकुल की सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराने का दायित्व सौंपा गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि ‘जय जगत’ के उद्घोष के साथ आचार्यकुल विश्व शांति और ग्रामस्वराज की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इस अवसर पर कला संस्कृति प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय प्रभारी डॉ. उषाकिरण श्रीवास्तव भी सक्रिय रूप से सांस्कृतिक माध्यमों से जनजागरण का कार्य संभालेंगी। मीडिया प्रभारी को भी निर्देशित किया गया है कि वे इन कार्यक्रमों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने हेतु विशेष अभियान चलाएं।

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