साहित्य

भारत के वीर सपूतों को नमन

नीलम अग्रवाल "रत्न"

सीमा पर तैनात सिपाही,अडिग खड़ा है सीना तान ।
शौर्य वीर की गाथा सुन लो, हँस के जान करे कुर्बान ।।

मातृ भूमि की लाज बचाने, वीर चला है ले तलवार ।
मिट्टी सारी लाल हुई है,कब माने है सैनिक हार ।

मातृभूमि का कर्ज चुकाने,कब परवाह करे वह जान ।
हिंद देश के खातिर देखो, जीवन करता है कुर्बान ।।

छुप कर दुश्मन घुसे देश में, निर्दोषों की लेते जान ।
मार भगाया आतंकी को, बचा लिया भारत की शान ।।

ओप्रेशन सिंदूर जिताया, दिया वीरता की पहचान ।
मुंह की खाकर दुश्मन भागे, तब सैनिक का लोहा मान ।।

फड़क उठी है भुजा वीर की, रक्त तिलक है सोहे भाल ।
आतंकी को ढेर किया था, टूट पड़ा उनका बन काल ।।

सूनी आँखें बाट निहारे, कब आएगा मेरा लाल ।
राह तके सजनी की आँखें, बहन खड़ी ले राखी थाल ।।

हिंद देश के सभी सिपाही, हिम्मत वाले हैं बलवान ।
शौर्य वीर की गाथा सुन लो, हंस के जान करे कुर्बान ।।

नीलम अग्रवाल “रत्न” बैंगलोर
🙏🙏

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