
सुख-दु:ख के दो रंगों के संग,
बहती रहती जीवन की धारा।
साथ- साथ चलते हुए गाते,
जनम जनम का साथ हमारा…
हार- जीत के पलड़ों के संग,
खड़ा है आत्मविश्वास हमारा।
मजबूती के संग गाता रहता,
जनम जनम का साथ हमारा…
कांटो व फूलों के संग- संग,
बढ़ते जाते कदम हमारा।
हिम्मत मुस्कुराती हुई गाती,
जनम जनम का साथ हमारा..
जन्म- मरण के प्रश्नों पर,
जूझते रहता यह जग सारा।
अंत में निकलता सार यही,
हर जनम का साथ हमारा…
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ममता झा मेधा
डालटेनगंज




