साहित्य

लघुकथा ” हमारा नववर्ष “

अंजलि गोयल

 

” नमस्कार शर्मा जी, कैसे हैं आप ? नववर्ष की आपको और आपके परिवार को बहुत बहुत बधाई हो। ”
” जी नमस्कार राजेश जी, आपको भी बधाई हो.. वैसे बधाई की जरूरत हमें नहीं जोसफ भाई को है… हम तो ठहरे शुद्ध भारतीय , हमारे नए साल आने में तो अभी कई महीने हैं। ” शर्मा जी ने प्रतिउत्तर में कहा।
” शर्मा जी आप सही कह रहे हैं हमारा नववर्ष चैत्र मास प्रतिपदा से शुरू होता लेकिन वो केवल हिन्दुओं का होता है और ये पूरे विश्व का और हमारे सारे क्रिया कलाप भी तो इसी कैलेंडर के अनुसार ही चलते हैं। फिर इसे मनाने में क्या हर्ज है? ”
“राजेश जी! जाने भी दीजिए उस बात को.. आपको जैसा ठीक लगे आप करें, हाँ एक बात आपको बतलानी है, कल पोते की पहली वर्षगाँठ है, आपको सपरिवार अवश्य आना है। ”
” अरे शर्मा जी कल कैसे..? हिन्दी पंचाँग के हिसाब से तो उसका जन्मदिन 24 दिसम्बर का होना चाहिए था। ” उधर से कोई उत्तर न पा राजेश जी ने मोबाइल जेब में रख लिया, शायद शर्मा जी ने फोन काट दिया था ।

अंजलि गोयल
किरतपुर, बिजनौर
उत्तर प्रदेश
व्हाट्सप्प न. 8126899994

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