मैया आई हूॅं तेरे द्वार
मात मेरी सुन ले पुकार
आवो-आवो मात हमारी
बीच भंवर में नाम हमारी
उसको लगा दे नैया पार
मात मेरी सुनले पुकार ।।
आई हूॅं तेरे द्वार
बात मेरी सुन ले पुकार ।।
बीच भंवर में नाव हमारी
सब बिछड़े कोई संग न साथी
डूूबत है मंझधार ।
मात मेरी सुन ले पुकार।।
आई हूं. तेरे द्वार
मात मेरी सुन ले पुकार। ।
मैं बेटी अज्ञान तुम्हारी
मैं पु्त्री नादान तुम्हारी
मुझको सिखा दो मैया ज्ञान
मात मेरी सुन ले पुकार ।
आ आई हैं तेरे द्वार
मात मेरी सुन ले पुकार
तुमसी मैयाऔर कहाँ है
तुमसे अंबे और कहाँ है
जिसकी शरण लग जाए
मात मेरी सुन ले पुकार
आई हूॅं तेरे द्वार।।
आशा जाकड़ , इन्दौर




