
उम्मीदों के चिराग जलाकर चलो,
मुस्कुराते हुए हर कदम बढ़ाकर चलो।
हौसलों की उड़ान जब भरोगे गगन में,
हर मुश्किल राह आसान हो जाएगी पल में।
हर अंधेरी रात के पीछे एक सवेरा है,
सकारात्मक सोच का नूर सबसे गहरा है।
बदल जाती है तकदीर, बदल जाते हैं हालात,
अगर थाम लो तुम सब्र और हिम्मत का हाथ।
गिरकर जो संभलते हैं वो ही जीत जाते हैं,
हार के दरिया में भी मोती तैरकर लाते हैं।
मत घबराओ ऐ मुसाफ़िर इन तूफानों से,
कामयाबी मिलती है हमेशा सच्चे अरमानों से।
जो देखोगे ख़्वाब तुम बुलंदियों को छूने के,
रास्ते खुद-ब-खुद मिलेंगे उन राहों के।
रखो खुद पर भरोसा और कर्म करते चलो,
सकारात्मकता के फूल हर डगर बिछाते चलो।
संगीता वर्मा
कानपुर उत्तर प्रदेश



