
हौसलों की उड़ान चाहिए
ना कोई पकवान
सपनो को उजागर
कर सकू
बस है मालिक
इतना रह तू मेहरबान
उम्मीदों को मेरी
कभी अनसुना मत करना
बस जब हो
घबराहट दिल में
एक हौसले की बौछार करना
शायद तेरा साथ ही है
मेरे साथ
जो ऊँचाइयों पर ले जाएगा
नहीं तो इस वक्त
तेरे अलावा मुझे कौन पूछने आयेगा
बस हौंसलों सी भरी उड़ान
का इंतज़ार है
बाकी तो मालिक
आप मेरे साथ हैं।।
– रिया राणावत
कालीदेवी,झाबुआ(मध्यप्रदेश)




