साहित्य
नया वर्ष नया अवसर जीवन रंग ढंग बदलने का

1
अगर आगाज अच्छा है तो अंजाम भी अच्छा होगा।
नए साल छब्बीस में फिर हर काम अच्छा होगा।।
भूल के अतीत को जरूरत गलत सोच बदलने की।
अगर चल पड़े राह सही तो हर पैगाम अच्छा होगा।।
2
बढ़ सको भर सको तुम अगर हौंसलों की उड़ान।
लगने लगेगा तुम्हें यह भी छोटा ऊंचा आसमान।।
वर्ष दो हजार छब्बीस बन सकता मील का पत्थर।
सोचो तो और पूरे भी करो अपने सारे अरमान।।
3
नया साल किस्मत के हर धागे बदल सकता है।
नया साल नई बात और इरादे बदल सकता है।।
जरूरत बस नए ढंग नए दृष्टिकोण से करने की।
निश्चय दो हजार छब्बीस के हर दावे बदल सकता है।।
4
वर्ष दो हजार छब्बीस हर बदरंग बदल सकता है।
कोशिश से दुनिया की हर जंग बदल सकता है।।
बस खाली दिन तारीख महीना कलैंडर ही नहीं।
नई उमंग सोच नया विधान हर रंग बदल सकता है।।
रचयिता।।एस के कपूर”श्री हंस”
बरेली।।




