आलेख
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पूज्य जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी महाराज एवं पूज्य प्रेमानन्द जी महाराज: तुलनात्मक-अध्ययन
भारतीय संत-परंपरा में ज्ञान और भक्ति का अद्वितीय-मिश्रण देखने को मिलता है। हर संत अपने समय और अपने क्षेत्र में…
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लीलावती—जिन्होंने गणित को काव्य और ज्ञान को अमरत्व प्रदान किया
भारतीय गणित-परंपरा के विराट आकाश में अनेक नक्षत्र चमकते रहे, पर उनमें से एक ज्योति-दीप ऐसी भी है, जिसकी प्रभा…
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परिवार का महत्व
पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य ने कहा था प्यार और सहकार से भरापूरा परिवार ही स्वर्ग होता है।परिवार संस्कारों की पाठशाला…
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विदेश नीति में शिष्टाचार ही राष्ट्र की असली पहचान: ✍️कुमुद रंजन सिंह
अंतरराष्ट्रीय संबंधों में शिष्टाचार केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि एक देश की सामूहिक संस्कृति और राजनीतिक परिपक्वता का दर्पण होता है।…
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जनरल डब्बा
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते हुए एक आदमी ने पूछा -“गरीब रथ में जनरल डिब्बा किधर…
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ब्राह्मण जाति नहीं सनातन धर्म एवं संस्कृति का मूल तथा संसार की आवश्यकता और जिम्मेदारी है।
ब्राह्मण जाति नहीं सनातन धर्म एवं संस्कृति का मूल तथा संसार की आवश्यकता और जिम्मेदारी है।” “जब ब्राह्मण अपनी भूमिका,अपना…
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वीरता की मिसाल स्व. कमलेश कुमारी जी
इस चित्र में देख में जिनको देख रहे हैं आप वह हैं एक वीरता की मिसाल स्व. कमलेश कुमारी जी…
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मोती बी.ए जी को शत-शत नमन
रविशंकर शुक्ल मोती बी.ए. का जन्म १ अगस्त १९१९ को देवरिया जनपद के बरेजी ग्राम में हुआ था। इनके पिता…
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समर्पण * (मौलिक अनुभव )
बचपन की यादें ताजा हो रही थी। वह छोटी कक्षा में मेडम का बेत से मारना अकारण ही, फिर डर…
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मैं हिडिंबा हूँ
उस दिन मेरा मन बहुत उचाट था। सूर्योदय से पहले ही मेरी आँख खुल गई थी ,मैं रात भर बेचैन…
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