आलेख
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जनवरी: कालचक्र की दहलीज और दो चेहरों वाले देवता की विरासत
एक नई शुरुआत का मनोवैज्ञानिक आधार हर साल जब 31 दिसंबर की आधी रात को घड़ी की सुइयां एक साथ…
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नववर्ष 2026: नव चेतना, नव संकल्प और संतुलित जीवन की शुरुआत
‘नववर्ष प्रभात में बरसे, ईश्वर का शुभ आशीष अपार, मार्तण्ड रश्मियों से जागे, नव-जोश, उमंग, नव-विस्तार। खिले मन सभी के…
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नव वर्ष में भारत के पत्रकार और नेशनल जर्नलिस्ट एसोसिएशन
कुमुद रंजन सिंह, अधिवक्ता उच्च न्यायालय पटना नव वर्ष केवल कैलेंडर बदलने का अवसर नहीं होता, बल्कि आत्ममंथन, संकल्प…
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इंसान बनाम भेड़िये की भूख
अरावली की पहाड़ियों पर लेख इंसान की भूख कितनी है इसकी कोई सीमा नहीं। सीमा है तो उस पर लगाम…
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संघ पंच प्रण राष्ट्रोन्नति का आयाम
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विश्व की ऐसी एक संस्था है जो अनवरत 100 सालों से राष्ट्र जागरण के कार्य में लगी…
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संस्कारवान शिक्षा ही समर्थ राष्ट्र की नींव है—और गुरुकुल उसका शाश्वत आधार
किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसकी सीमाओं, संसाधनों या तकनीकी उपलब्धियों से नहीं, बल्कि उसके नागरिकों के चरित्र, संस्कार…
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भारत का विपक्ष: लोकतांत्रिक गतिविधि से सरोकार नहीं सिर्फ और सिर्फ वोट बैंक पोलिटिक्स
इस बात की चर्चा शुरू करने के पहले मैं यह कहना चाहता हूं कि भारत में दो तिहाई से अधिक…
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सतत विकास: समृद्धि और संरक्षण का साझा मार्ग !
अरावली पहाड़ियों की जिस परिभाषा को पहले माननीय सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार किया था, उसी पर अब रोक लगाकर…
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विवाह विच्छेद (तलाक़)
“विवाह विच्छेद (तलाक़)” सनातन धर्म में विवाह को जन्म जन्म का साथ माना जाता है, यह अभी से ही नही…
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पूर्व और पश्चिम के बीच एक सेतु थे:-नोबेल पुरस्कार विजेता रूडयार्ड किपलिंग
हमारे देश में शायद ही कोई बच्चा हो,जिसे ‘जंगल बुक’ के बारे में पता नहीं हो।सच तो यह है कि…
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