साहित्य
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मैं और मेरा काव्य
मैं कौन हूँ क्या ,पहचान है मेरी यही की …,मैं, शब्दों की पिरोयी हुई एक माला हूँ जिसमें…. तराना है…
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प्यासी धरती
भीतर अमृत बाहर मरुस्थल, कैसी विडम्बना आई है। नीली बूँदों के बिना तो, धरती में उदासी छाई है। घटता पानी…
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विश्व कविता दिवस
कविता तू कितनी सुंदर प्यारी है , तू कहाॅं किसी से कभी भी हारी है । रही हो संघर्षरत तुम…
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संजय मृदुल
जो तुम्हारा है तुम्हें वापस देता हूं नाशुक्र नहीं हूं अहसान नहीं लेता हूं। तुमने धरती चीर दी पानी के…
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बादळ बादळी रा दूहा
बादळ बादळी रा दूहा बादळ कै सुण बादळी, मरूधर भासा हीण | ताळो जड़्यो जबान रै ,मिनख बजावै बीण ||…
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विश्व कविता दिवस फायकू
1-शब्द ढल काव्य बनाते , लय ताल संग , तुम्हारे लिए । 2-कविता भाव सरिता सी, बहती जाती अविरल ,…
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विश्व कविता दिवस – फायकू
कविता भावों की अभिव्यंजना मन की संवेदना तुम्हारे लिए। कविता सच का आईना शब्दों का सागर तुम्हारे लिए। कलम की…
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कविता दिवस कुछ फायकू
शब्दों का सागर गहरा भावों की धारा तुम्हारे लिए कविता जीवन का आईना मन की अभिव्यक्ति तुम्हारे लिए कलम से…
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बाल कविता- मेरा परिवार
पापा, मम्मी, छोटी बहना। इनके संग ही मुझको रहना।। उँगली पकड़ चलूँगा इनकी। मानूँ सदा बड़ों का कहना दादी के…
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इश्क
मोहब्बत एक अनमोल शक्ति जीवन में पाता मार्मिक शक्ति इस में होता है अदभुत शक्ति प्रेमिकाओं केलिए परम शक्ति जीवन…
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