साहित्य

विश्व कविता दिवस – फायकू

सुधीर श्रीवास्तव

कविता भावों की अभिव्यंजना
मन की संवेदना
तुम्हारे लिए।

कविता सच का आईना
शब्दों का सागर
तुम्हारे लिए।

कलम की स्याही से
शब्दों की उड़ान
तुम्हारे लिए।

हर शब्द स्वर में
अभिव्यक्ति का संगीत
तुम्हारे लिए।

कविता में समाई दुनिया
अनंत शब्द यात्रा
तुम्हारे लिए।

शब्दों में जन वाणी
खट्टे-मीठे अनुभव
तुम्हारे लिए।

अक्षरों के मेल से
आमजन की आवाज
तुम्हारे लिए।

बहुरंगी महकते पुष्प-हार
जीवन का रंग
तुम्हारे लिए।

प्रेम की भाषा है
मन की उत्कंठा
तुम्हारे लिए।

एहसास जब शब्द बनें
जीवन तब मुस्कराए
तुम्हारे लिए।

कविता हृदय का स्पंदन
खुशी या गम
तुम्हारे लिए।

कविता सिर्फ है नहीं
शब्दों का जोड़
तुम्हारे लिए।

कविता हमें जोड़ती है
देश-दुनिया से
तुम्हारे लिए।

बदलाव की बयार है
महसूस करें कोई
तुम्हारे लिए।

सुधीर श्रीवास्तव

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