साहित्य
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विश्व कविता दिवस
कोई तुमसे पूछे अगर कभी, मै कौन तुम्हारी लगती हूँ, तुम इतना ही बस कह देना, मैं स्वप्न सृजन के…
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दुर्गा मातारानी द्वितीय रूप- ब्रम्हाचारिणी
तुम्हीं हो मैया ब्रम्हाचारिणी तुम्ही हो मैया कष्टों को हरने वाली। समृध्दि और वैभव का प्रतीक है एक हाथ में…
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विश्व कविता दिवस विशेष.
विश्व कविता दिवस विशेष. मन के भावों की माला जब शब्दों में ढल जाती है। संवेदनाओं के मोती की…
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विश्व कविता दिवस
शब्द नहीं ये शस्त्र हैं, जो सत्य की राह दिखाते हैं, जब झूठ का अंधेरा छाता, तब कविता दीप जलाते…
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परिकल्पना
न जाने कितने दिनों से बुन रही थी एक ख्वाब। कोई तो आये मेरे ज़िन्दगी मे लाजवाब।। अचानक ही आया…
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नन्ही चिड़िया
वो नन्ही सी चिड़िया दबाकर तिनका चोंच में ढूंढ रही है एक ठिकाना अपनी इन सूनी आँखों से बनाने को…
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विश्व कविता दिवस
कविता अंतर्मन की मधुर पुकार है, भावों का सागर, शब्दों का विस्तार है। कभी हँसी की धूप, कभी अश्रु की…
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तेज
तेज का भी अपना एक, विशिष्ट तेज होता है बिल्कुल दिनकर की, रश्मियों की तरह कोई इस तेज से जग…
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नारी: एक अनकही इबारत
जब-जब तुम्हारी कहानियाँ लिखी जाएंगी, स्याही में समर्पण और पन्नों पर साहस उतरेगा। तुम महज़ एक नाम नहीं, पूरा का…
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पक्षी बचाव
लेकर आस कुछ दानों की, गौरैया मुंडेर पर आती है । सूना- सूना सा भोर होता, अब न चिड़ियाँ चहचहाती…
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