साहित्य
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जिंदगी
इने में, जिंदगी तलाश रहा था, पता चला वहीं तो तुम ले गई अपने साथ मेरी जिंदगी ख़ुद से…
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माता से स्तुति
में मैया दे आशीषें देना मुझको शक्ति माँ, रचे लेखनी काव्य। हृदय विराजो माँ अभी , सिद्ध करो मन…
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रचना शीर्षक।। ।।झूठ के पाँव नहीं होते हैं।। ।।विधा।। मुक्तक।।
ही सच कि सत्य का कोई जवाब नहीं है। एक सच ही जिसके चेहरे पर नकाब नहीं है।। सच सा…
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मां का ममत्व
मां की गोद में सारा जहाँ समाया है, उसकी हंसी में ही तो सवेरा आया है, रातों को जागकर उसने…
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तलाश मुझको है उस जहाँ की
जहाँ किसी से न बैर कोई, सभी हों अपने न गैर कोई, सभी खुशी में हों सबकी शामिल तलाश मुझको…
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मूर्ख है जो नांदा हैं नहीं इरफानी है
मूर्ख है जो नांदा हैं नहीं इरफानी है शांति ओ सादगी से कटती जिंदगानी है। पानी का मुतबादिल कुछ…
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ग़ज़ल
खुशबू फ़िज़ा में फैली आहट से तुम्हारी, महत्व उठी है देखो चाहत से तुम्हारी। गुमसुम खड़ी थी धड़कन सदियों…
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सुंदर शिक्षा देत जो , सच्चा शिक्षक मान ।
शिक्षक सम्मान सद्गुरु से संपन्न हो , यह ही है पहचान ।। शिक्षक का सम्मान हो , ना ही नौकर…
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बिधाता छंद सृजन शीर्षक- गर्मी
बढ़ा है ताप सूरज की, बढ़ी बेचैनियाँ सारी। हुई अंगार धरती है, दहकता दिन हुआ भारी।। तपन बढ़ती रही कैसे,…
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