साहित्य
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माँ अम्बे
भक्ति के, भाव में । मात की, छाँव में ।। बस यही, कामना । हमें तुम, तारना।। -1 हम करें…
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मर्यादा पुरूषोत्तम राम की महिमा
राम जी के बिना कोई काम कब हुआ? यह बात सारी दुनिया , सृष्टि को मालूम है जब धरा दबी…
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माशूक की अभिलाषा
सुनो! एक सिलेंडर भरवा लाओ न बुझी पड़ी है जो आग बरसों से फ़िर से जला लाओ न। यूँ तो…
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गौरैया का वास हुआ
मेरे घर की दालानों में गौरैया का वास हुआ। पतझड़ में लगता जैसे, हरा – भरा मधुमास हुआ। दीवारों से…
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मन की अलमारियाँ
कौन कहता है कि सीने में अलमारियाँ नहीं होतीं, यहाँ तो सुख-दुख की अनगिनत फाइलें संजोई होतीं। कुछ फाइलों में…
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नव संवत्सर 2083
भारतीय नववर्ष सत्य सनातन है भारतीय नववर्ष सत्य सनातन है, हिन्दू धर्म संस्कृति का कैलेंडर है, माँ नवदुर्गा स्वागत करिये…
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गौरैया कर गई पलायन
गौरैया की बाट जोहता, भरा सकोरा पानी से। गौरैया कर गई पलायन, जाने कब रजधानी से।। चलनी सूप हुये सब…
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तुम्हें क्या नाम दूँ
हे ! निर्गुण ब्रहम हे ! निर्विकार , हे ! अजर,अमर हे! अविनाशी , किसी तरह भी , मैं तुमको…
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स्त्री
औरत अपना हिस्सा कहाँ जी पाती है वह तो हिस्सों में ही जी पाती है कभी किसी की बिटिया कहलाती…
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मां
मां हैं मां तेरे कदमों का इंतेज़ार,हो चुका है खत्म, तू माना सिर्फ ९ दिन के लिए आती है ,…
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