साहित्य
-
आसान
किसी शाम ज़िन्दगी ने दस्तक दी किसी शाम हम ज़ार-ज़ार रोए!! वफ़ा का उनसे वादा तो नहीं था ऐसे मिले…
Read More » -
अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक मंच साहित्य अर्पण एक पहल की पहल सलाम योग्य है
अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक मंच साहित्य अर्पण एक पहल की पहल प्रसंसनीय है अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक मंच साहित्य अर्पण एक पहल का कार्य…
Read More » -
ओस की बूंद
ओस की बूंद सा है, ज़िन्दगी का सफ़र। कभी फूल में तो, कभी धूल में। टपक कर कण कण पर,…
Read More » -
राधे कृष्ण वंदना
हे हे राधे हे राधे कृष्ण हे राधे कृष्ण मुरारी हे राधे कृष्ण मुरलीधर दयालु राधे कृष्ण कृपा करो भक्त…
Read More » -
छत्तीसगढ़ के रसखान मीर अली ‘मीर’ — डॉ. राम रतन श्रीवास ‘राधे राधे’
ज्ञान किसी परिचय का मोहताज नहीं होता है । जाति धर्म समुदाय से ऊंचा उठकर एक नई आयाम स्थापित करता…
Read More » -
मनमोहन
छेड़-छाड़ राहों में करते, मटकी से माखन बिखराते। पनघट को जब चलें गोपियाँ,गागर फोड़ कृष्ण छुप जाते।। मुरली धर पर…
Read More » -
आदमी में ही
आदमी में ही कोई इंसान है तो कोई ज़ालिम कोई हैवान है खून के रिश्ते पराये हो गए दिल मिरा…
Read More » -
आता -हूं
आता हूं , तुम्हारे कब्र के पास —-रोज, मिलने को —-तुमसे! जहाँ पर , सोई हुई हो,अपनी रूह के संग,…
Read More » -
गर्मी आई
गर्मी आई, गर्मी आई, कूलर बाहर निकाला भाई। धूप लगे जैसे अंगार, घर में सबको प्यास अपार। गन्ने का रस…
Read More » -
माँ की यादे
जब भी मुझे याद आता है माँ का आंचल इस उम्र मे माँ मुझे बहुत तेरी याद सताती हैं। मेरी…
Read More »