साहित्य
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जाग माँ फिर से
जाग माँ फिर से, वर दे आत्मज्ञान का। हो रहा चहुंँ ओर तांडव, हिंसा और अज्ञान का। प्रबुद्ध चेता सो…
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कितनी बातें होती हैं
हर किसी के मन में जो किसी से कह सकें कभी सही समय नहीं मिलता कभी सही इन्सान कभी बातें…
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छोटी सी बात है
वक्त का पता नहीं चलता अपनो के साथ, अपनो का पता चल जाता हैं वक्त के साथ। छोटी सी बात…
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लिखा तुकांत-इत्
यादों की अलकावलि पर जब, महका पावन प्रीत लिखा। सांसों की सरगम ने तब ही, जीवन का संगीत लिखा।। …
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मैं स्वागत के लिए आतुर हो
फर्स्ट एडिटर — मैं स्वागत के लिए आतुर हो, तुम्हारे लिए स्वागत द्वार बना रहा हूं मन में, सोतों…
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धरती का श्रृंगार करें
आओ मिलकर प्रण ये लें, धरती का श्रृंगार करें। पेड़ लगाएँ, जल बचाएँ, हरियाली से प्यार करें॥ नीला अम्बर, स्वच्छ…
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ग़ज़ल
तन्हाई का यह रास्ता चुनता यहां कौन। इस दर्द की दीवार को बुनता यहां कौन।। मांगी थी सदा मैने…
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विषय/विधा।।मुक्तक
।।विषय/विधा।।मुक्तक।। ।।रचना शीर्षक।। ।हो गये साठ के पारअभीअसली इम्तिहान बाकी है। 1 सफर जारी पर अभी तो आने को मुकाम…
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बरसे बूंँद -बूंँद कर पानी
बरसे बूंँद -बूंँद कर पानी। झम-झम बरसो बरसा रानी । भूल हुई गलती हम माने । थे वे अज्ञानी दीवाने।।…
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मंच को सादर नमन 🙏
मुद्दतों बाद भी उनका पैगाम नहीं मिला था, जैसे दौलत- ए-दो- जहां नही मिला था मेरे खत का कोई जवाब…
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