साहित्य
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ग़ज़ल
झूठ बदल दो,सांच बदल दो। जवां दिलों की आंच बदल दो। शीशों के घर में भी रहकर तुम, दिखे नहीं…
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कैसे भूल जाऊं तुझे
उसे पाया भी नहीं था ठीक से कि भुलाने के दिन आ गये उसे पाया भी नहीं था ठीक से…
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मुक्तक
बसंत की बहार में मधुर तान घोलती, मधुर कुक से हृदय के द्वार खोलती। रंग है काला मगर वाणी में…
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कल चाहिए कामयाबी तो आज से करो तैयारी
** कल चाहिए कामयाबी तो आज से करो तैयारी। किस्मत की मेहनत से ही रही हमेशा पक्की यारी।। ** जिस…
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नींबू सरीखा भाग्य में सुख और दुख
भाग्य जब भी आपको दुख एवं परेशानी दे उनसे घबराएं नहीं अपितु ,उन दुख एवं परेशानियों नींबू सा समझ उनका…
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कविता
बिन करुणा के मानव केवल माटी की एक काया है, जिसने प्रेम न बांटा जग में उसने सब कुछ गंवाया…
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जो मकान को घर बना दे,वो पत्नी होती है
1 जो एक की सौ सुना दे वो पत्नी होती है। जो भक्ति की लौ जगा दे वो पत्नी होती…
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ग़ज़ल
जो चराग़ तूने जला लिया उसे क्यों बुझा दिया अपना बना के दिल से क्यूँ तुमने हमें गिरा दिया। ये…
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चांद का दीदार
करवा चौथ और ईद के त्योहार पर, चांद का दीदार शुभ माना जाता है। चांद की होती है यहां मन…
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ग़ज़ल
भक्ति मीरा सी मन में जगाने लगी, श्याम मुरली की धुन गुनगुनाने लगी।। नाम कान्हा का जब भी लिया प्रेम…
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