साहित्य
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ग़ज़ल
तन्हाई का यह रास्ता चुनता यहां कौन। इस दर्द की दीवार को बुनता यहां कौन।। मांगी थी सदा मैने…
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विषय/विधा।।मुक्तक
।।विषय/विधा।।मुक्तक।। ।।रचना शीर्षक।। ।हो गये साठ के पारअभीअसली इम्तिहान बाकी है। 1 सफर जारी पर अभी तो आने को मुकाम…
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बरसे बूंँद -बूंँद कर पानी
बरसे बूंँद -बूंँद कर पानी। झम-झम बरसो बरसा रानी । भूल हुई गलती हम माने । थे वे अज्ञानी दीवाने।।…
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मंच को सादर नमन 🙏
मुद्दतों बाद भी उनका पैगाम नहीं मिला था, जैसे दौलत- ए-दो- जहां नही मिला था मेरे खत का कोई जवाब…
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पैगाम
ओ हवा ! पैगाम ले जा, मेरा उस वीर के पास। भविष्य गढ़ने को हमारा, अर्पित कर रहा जो आज।…
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धरा की पीड़ा
सुनो – सुनो ऐ धरती वालों,अपने कर्मों का परिणाम, बैसाख गया औ जेठ जो आया, ‘सूरज दादा’ को क्रोध है…
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कहना मुझे सभी से यह धरा हमको
आज कहना, है सभी से यह धरा हमको तो पुकारे। कह रही पर्यावरण को अब बचा जीवन को सुधारे।। बात…
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खुद पर विश्वास
खुद पर विश्वास रखो, यही सबसे बड़ी पहचान है, मन की दृढ़ता और साहस ही जीवन की सच्ची उड़ान है।…
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हर समय पर, साथ होती
अजीब रिश्ता होता हैं, सचमुच ईश्वर उपहार है रूह प्रेम, चौक जाता हूं अक्सर देख कर , बहुत समय बाद…
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मेरी रंगों में खून नहीं कविता दौड़ती
मध्य प्रदेश आदिवासी पिछड़े अंचल झाबुआ में जन्म हुआ डॉ रामशंकर चंचल जी ख़ुद परेशान हैं उनका कहना है कि,…
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