साहित्य
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किस क़दर टूटा हूँ
किस क़दर टूटा हूँ, तुमको क्या बताऊँ, जिस्म छलनी छलनी, तुमको कैसे बताऊँ? जबसे दिलाया याद, वादा मोहब्बत का, और…
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संस्मरण जीवन साथी के साथ बिताए कुछ पल
पिछली बार जब मैं बेंगलुरु से गुवाहाटी गई थी तो यहाॅं पर मेरे पतिदेव थे और यहीं उन्होंने चिर-शांति वरण की थी।…
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खूब रोना चाहता हूं पर वक्त नहीं मिलता
तंग आ चुका हूं देश और दुनिया के राग द्वेष से ऊँच नीच और सैकड़ों बैराग आलाप रही दुनिया से…
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मुझे भी सम्मान मिलना चाहिए एक कविता भावुक करती हुई
मुझे भी सम्मान मिलना चाहिए, मैं भी किसी की बेटी हूँ, ये पहचान मिलना चाहिए। मेरे सपनों का भी एक…
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रात बड़ी खतरनाक होती है
रात बड़ी खतरनाक होती है.. ऐसा ही सुना था.. पर इतनी ख़तरनाक होती है.. ये तो उसके साथ जीने के…
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नारी
नारी ही नारायणी, भिन्न-भिन्न हैं रूप। सुता बहन पत्नी बनी,माँ का रूप अनूप।। मांँ का रूप अनूप,निभाती जिम्मेदारी। करती सम…
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फुस्स हो गया गैस सिलेंडर
फुस्स हो गया गैस सिलेंडर फक्क हो गया चूल्हा। मुरझा कमल,बची डंडी ले झूम रहा है दूल्हा। ईंधन का अकाल,मुंहझौंसी…
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फुस्स हो गया गैस सिलेंडर
फुस्स हो गया गैस सिलेंडर फक्क हो गया चूल्हा। मुरझा कमल,बची डंडी ले झूम रहा है दूल्हा। ईंधन का अकाल,मुंहझौंसी…
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एक मियान में दो तलवार – मुहावरा
एक मियान में दो तलवारें कहा क्यों यह जाता? दादा जी मुझको समझाओ समझ मुझे न आता। दादा बोले एक…
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एक किताब है जीवन
एक किताब है जीवन असंख्य पन्नो पे लिखा हुआ एक एक पन्ना रोज ही पढ़ जाता हूँ मैं कुछ न…
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