साहित्य
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अभी बाकी है
गिरा हूँ राह में कई दफ़ा, मगर थका नहीं हूँ मैं, हवाओं ने बुझाना चाहा, मगर झुका नहीं हूँ मैं।…
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अगले जन्म का, वादा
छोड़ने से पहले हमारा, अगले जन्म में मिलने का वादा, याद अ गया आज, मैने कहां में किसी लड़की के…
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दोहा
आतप का बढता कहर,, चैन ढूंढ़ रहा ठाँव। धूप हो गई चटकीली,जले शहर औ गाँव। लम्बा पथ जलता हुआ…
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अतीत से अब तक….फीफा विश्वकप
कहते हैं जिंदगी चलते रहने का नाम है , थमना उसके बस में नहीं होता,यही उक्ति खेल पर भी लागू…
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सत्य की ताकत निबंध
सत्य एक ऐसा तत्व है जिसको हर समय साथ लेकर चलना मुश्किल होता है लेकिन साथ लेकर चलने वाला व्यक्ति…
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एक रचना विषय संयम
अदब कायदा नियम व संयम, आज सभी जन भूल गये, इसीलिए शायद जग में स्वप्न सभी के चूर हुए, जैसा…
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ग़ज़ल
तुम्हारे ख्यालों की महक जो उड़ी , मेरी धड़कनों की वो ग़ज़ल बन गई। ख्वाबों के आंगन में खिलती…
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समय ही अपना है
इस दुनिया की भीड़ में, हर चेहरा अपना लगता है, जब भाग्य की धूप आँगन में उतरती है। हाथ मिलाने…
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उपवन जैसे झाड़ झंखाड़ न हों
हाथ की अंगूठी उँगली में हमारे रिश्तों की तरह सुंदर लगती है, उँगली से निकालते ही अपना निशान उँगली पर…
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आग उगलती धूप,
सालों हो गए, बचपन से आज तक उम्र के 70 सत्तर साल में भी वह आग उगलती धूप देख रहा…
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