साहित्य
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लिखा परदेश किस्मत में वतन की याद क्या करना:
ग़रीबी में पला था सूखी रोटियाँ खाकर, बचपन से जवानी तक रहा था औरों का चाकर, क़िस्मत में लिखा था…
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ऋतुओं का चक्र
ऋतुओं का अनुपम चक्र प्रकृति का सुंदर उपहार, छह ऋतुओं से सजता जग, बदलता हर बार। वसंत ऋतु में फूल…
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जब भी,मन उदास होता
जब भी मन उदास होता हैं बहुत ही देर तक एक अजीब , खालीपन का अहसास लिए दिल बहुत उदास…
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महिला सशक्तिकरण
नारी घर की मान, स्नेह दे प्यार जताती। जीवन भर सम्मान, सदा आदर जतलाती। दिनभर करती काम, तभी वह आदर…
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शिव भक्ति
हे हे शिव हे शिव शंकर हे शिव शंकर भोले हे शिव शंकर भोले त्रिपुरारी शिव शंकर कृपा करो…
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ये प्रेम जाल की परीक्षा है
कहना आसान है कि हम दे देंगे प्यार की परीक्षा… पर न दे सकेंगे सीता सी परीक्षा, न कर पाएंगे…
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समय की नदी
समय की नदी पूरे वेग के साथ आगे बढ़ती जा रही है, और मैं पुरानी बातों को दिल से लगायें…
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तेरी याद
तेरी यादों का मौसम जब दिल में उतर आता है, सूना सा हर पल भी महकने लगता है। तेरे नाम…
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गर्भवती माँ की ममता
कोख पले संतान हमारी, पता चला जब उसको । पूर्ण हुआ है नारी जीवन, धन्य समझती खुद को ।। इक…
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मेहनत की उड़ान
मेहनत की राहों पर जो चलता है , वही आसमान छू पाता है! रुकावटें लाख आए राहों में , फिर…
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