
नाम अटल, काम अटल
प्रखर वक्ता, मृदभाषी, सादगी पसंद व्यक्तित्व
दृढ़ निश्चयी, सिंद्धांत पुरोधा, नीति नियम के महारथी अटल नाम के जो थे सारथी।
हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा अपनी कविता लिख
अपने व्यक्तित्व का परिचय दुनिया को दे दिया,
दूरदर्शी सोच के दृष्टा अटल ने
पोखरण परमाणु परीक्षण से
अमेरिका को भी हैरान कर दिया।
संयुक्त राष्ट्र में हिंदी में भाषण देकर
हिंदी का परचम फहरा दिया।
चतुर्भुज सड़क योजना और
नदियों को जोड़ने की सोच से
राष्ट्र के विकास को गाँवों से जोड़ने
और जल संरक्षण को बृहद आयाम दे दिया।
कारगिल युद्ध में पाक को नाकों चने चबवा दिए।
उनके बेबाक भाषण शैली, चुटीले अंदाज का
हर कोई मुरीद था,
पक्ष हो या विपक्ष सब उनके और वे सबके थे
कवि हृदय अटल पहले विदेश मंत्री और फिर
तीन बार प्रधानमंत्री बन देश का नेतृत्व किए
भारत रत्न से नवाजे गए,
अपने नाम के अनुरुप ही व्यक्तित्व के स्वामी अटल
भारत की आत्मा में रच बस गए,
अटल नाम को सदा के लिए अटल कर गए।
सुधीर श्रीवास्तव
गोण्डा उत्तर प्रदेश




