साहित्य

अटल जी पर दोहा छंद

रखना मन में दिव्यता, मिलता जग सम्मान।
मत देख यहाँ भव्यता, अलग बना पहचान।। १।।

जीवन भर लें दिव्यता, मन में रख विश्वास।
मिल जायें प्रभु आपको, पूरी होगी फिर आस।। २।।

सदा दिव्यता दीन को, पंढरपुर सरकार
देख भक्ति को आपकी, आते पालनहार।। ३।।

रहे उपदेश दिव्यता, छाई है घनघोर।
देखें जब भी आचरण, करनी कथनी और।। ४।।

देख अटल की दिव्यता, छाई है चहुंओर।
आज सुशासन को मना, शुद्ध आचरण पोर।। ५।।
डॉ उषा अग्रवाल जलकिरण
छतरपुर मध्यप्रदेश

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