साहित्य

तुलसी आरती (गोपी छंद)

पं रामजस त्रिपाठी नारायण

आरती तुलसी माता की।
जगत जननी जगराता की।।

मंजरी ठाकुर मन भावे।
पत्र श्री हरि को हरसावे।।
तना औषध ३ उद्गाता की।
आरती तुलसी माता की।।

भक्त जन श्री सुख को पाते।
स्वास्थ्य अति उत्तम कर जाते।।
शक्ति यह रूप विधाता की।
आरती तुलसी माता की।।

सभी घर शोभित हों माता।
रामजस माँ के गुण गाता।।
मोक्ष फल-३ सब सुख दाता की।
आरती तुलसी माता की।।

पं रामजस त्रिपाठी नारायण
(दिल्ली) 9797399705

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