साहित्य

धैर्य

सुभाष हेमबाबू " नादान "

धैर्यता को धारिये ,मन से न हारिये
होगी जीत एक दिन ,साहस को सवांरिये
नौ महिने स्पेस में,कितने कष्टों को सहा
धैर्य की विजय हुई,यही संसार ने कहा
नारी की शक्ति को,ये जगत जान गया
हे देवी मातृशक्ति,तेरा लोहा मान गया
तूं मां भारती की शान है,तेरा धैर्य महान है
आज भारती गौरान्वित है,तूं तिरंगे की शान है
विजय पताका फहर रही,आज ऊंचे आकाश में
एक अपार शक्ति है ,सुनीता विलियम्स तेरे विश्वास में
हम सभी करते हैं नमन,तेरे साहसी कदमो को
तूने साकार कर दिया,हिम्मती सपनो को
आज सफलता चूम रही,यश कीर्ति महान है
मां भारती की बेटी के कदमो में,नमन सारा जहान है।

सुभाष हेमबाबू ” नादान ”
महोबा

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