
जमा दिया था युद्ध मे
अपने शौर्य का सिक्का
झारखंड का लाल था वो
था वो एल्बर्ट इक्का।।
इकहत्तर की लड़ाई में
इक्का ने साहस दिखलाया,
ध्वस्त करी दुश्मन की टोली
सबक उसे यों सिखलाया।।
अल्बर्ट इक्का ने जंग में
हिम्मत खूब दिखलाई थी,
दुश्मन को नाकों चने चबा
गोली सीने में खाई थी।।
देश की रक्षा की खातिर
की उसने खूब लड़ाई थी,
बलिदान जीवन दे कर
भारत की शान बढ़ाई थी।।
देश भक्ति का दीप जला
हम सब को राह दिखाई है,
सबसे पहले देश प्रथम है
जां दे कर बात समझाई है।।
परमवीर चक्र से
जिसने पाई पहचान, बनाई है,
“हम भी बनें इक्का”, जैसे
हमें ऐसी राह दिखाई है।।
अतुल कुमार,
गड़खल
जिला सोलन।



