
ऐ ख़ुदा मुझ पे इक नज़र कर दे।
रात भारी है अब सहर कर दे।
अब निकलने को है ज़नाज़ा मेरा,
तू मेरे यार को ख़बर कर दे।
कब का सोया था अब मैं जाग गया,
मेरे दुश्मन को बा-ख़बर कर दे।
राह मुश्क़िल है अल-मदीने की,
उसकी आसान रहगुज़र कर दे।
आँख से अश्क़ तो बहा है बहुत,
या ख़ुदा अब इसे शरर कर दे।
हो गया दर्द यह पुराना बहुत,
दिल के ज़ख़्मों को मुख़्तसर कर दे।
गर हुई हो ख़ता कोई *अम्बुज*,
तो कलम यार मेरा सर कर दे।
चनरेज राम अम्बुज
आजमगढ़ उत्तर प्रदेश
मोबाइल नंबर 9935738757



