
ले अपनी शरण में कान्हा
भक्ति ज्योत जला के
मीरा सी जोगन बना दे कान्हा
बन सारथी मेरा
गीता ज्ञान सुना दे कान्हा
प्रीत की रीत चला के
राधा मुझे बना दे कान्हा
दुःख पीड़ा सहकर सुदामा की
सखा मेरा भी बना जा रे कान्हा
लाड़ लड़ाऊं मैया सा
मुझको यशोदा बना दे कान्हा
भाग्य मेरा खुल जाएगा
बंसी बना अधरों पे सजा लें कान्हा
कलम की दीवानी,,,,
प्रिया ✍️




