जहां जय हिन्द की जय घोष हैं।
वो नेताजी सुभाषचंद्र बोस हैं।।
रग रग में जिसकी खून भरी,
आजादी के दीवाने जोश है।
वो नेताजी सुभाषचंद्रबोस है।।
जिसकी नारा दिल्ली चलो।
हिंद के जवान जय हिन्द बोलो।
मानवता के मिश्री घोलो।
जिसे देखअंग्रेजो का उड़ा होश हैं
वो नेताजी सुभाषचंद्रबोस है।
प्रभावती देवी माता है जिनके।
पिताजी जानकीनाथ बोस है।
चितरंजन दास गुरू है जिसके
वो नेताजी सुभाषचंद्र बोस है।।
जन जागृति खून हस्ताक्षर बना है
देश भक्ति राष्ट्रीय सद्भावना हैं।
वो आर्मी देश रक्षक जवां ठोस है।
वो नेताजी सुभाषचंद्र बोस है।।
मौलिक अप्रकाशित कविता।
मुन्ना प्रसाद मुरली
मध्य विद्यालय सरॉव दिनारा रोहतास बिहार




