
नित्य परीक्षा हो रही, रोज मिल रहे अंक।
बहुतेरे असफल रहें, लगता मन में डंक।।
लगता मन में डंक, पीड़ा यही सताए।
चले लेखनी मंद, कहाँ से उत्तर आए।।
कहें’ मधुर’ कविराय, गलत तब होगी दीक्षा।
उत्तर लिखे न एक, हो रही नित्य परीक्षा।।
ब्रह्मनाथ पाण्डेय’ मधुर’
वार्ड-5 काॅंटी,मुहल्ला- ककटही,नगर पंचायत- मेंहदावल, पोस्ट:- मेंहदावल, जिला- संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश, 272271



