आज स्वामी विवेकानंद की जयंती और
युवा दिवस पर चंद शब्द सुमन…
युगों-युगों से युवा शक्ति ने दुनिया में
बना ली है अपनी एक अलग पहचान
अनुपम ऊर्जा को संचित कर दे दिया
हर पीढ़ी को बस आगे बढ़ने का ज्ञान
अंतरिक्ष से आगे होती है सोच इनकी
शक्ति आजमाता है इनकी सारा जहाँ
कोई कलाकार कोई गुरु बन जाता है
कोई अभियंता है कोई वैज्ञानिक यहाँ
सुंदर अमृत काल का समय यह आज
परंतु ना जाने क्यों सुप्त अवस्था आई
जगा लो चेतना छोड़ दो तुरंत आलस्य
अंधेरी राहों पर रोशनी ये तुम्हीं ने लाई
विवेक हो प्रबल और शक्ति असीमित
तभी असंभव तक संभव बन पाता है
मंजिल खुद चलके आ ही जाती पास
जीवन का उद्देश्य भी पूर्ण हो जाता है
अगर युवा शक्ति यह संगठित हो जाये
मेरा देश फिर स्वर्ण चिरैया हो जायेगा
ये परिदृश्य भी बदलते देर नहीं लगेगी
भारत विश्व गुरु बन पटल पर छायेगा
आप सभी को युवा दिवस की हार्दिक शुभकामनायें….
कृष्ण कुमार गुप्ता, पुणे, महाराष्ट्र



