
जन्म दिवस मंगल करें, महावीर हनुमान l
बालक पाये खेल में, नित नूतन सम्मान ll
खूब पढ़ो आगे बढ़ो, लेकर कर्मठ हाथ l
‘ईश्वर’ भोले शिव कहे, तू है मेरे साथ ll
जन्म दिवस देवांश का,मंगलमय हो नित्य l
मात-पिता सॅग खुश रहे,चमके ज्यों आदित्य ll

सोफ़े पर बैठा हुआ, घर का राजकुमार l
जब बाबा सॅग खेलता, खिल उठता परिवार ll
बैठे अथवा रह खड़े, करना उत्तम काम l
उसी काम से विश्व में, होगा ऊँचा नाम ll
पढ़ो लिखो उन्नति करो, खेल – कूद के साथ l
बाबा की सेवा करो, लेकर कर्मठ हाथ ll
सद्गुरु की महिमा बड़ी, मन – मन्दिर में देख l
ईश्वर’ यह सच कह रहा,मिलता है उल्लेख ll
ईश्वर चन्द्र विद्यावाचस्पति, संत कबीर नगर (उत्तर प्रदेश)




