सह्याद्रि गूँजे वीर पुकार
स्वराज्य ज्योति जगे
तुम्हारे लिए
मातृभूमि के अटल सिपाही
शौर्य अमर रहे
तुम्हारे लिए
किला किला बोले जयकार
ध्वज ऊँचा रहे
तुम्हारे लिए
रण में सिंह सा साहस
धर्म पथ अडिग
तुम्हारे लिए
हिंदवी स्वराज्य का स्वप्न
जन मन जागे
तुम्हारे लिए
भवानी कृपा से विजय
वीर कदम बढ़े
तुम्हारे लिए
अन्याय पर प्रहार निरंतर
सत्य दीप जले
तुम्हारे लिए
स्वाभिमान की ज्वाला प्रखर
इतिहास गाए गीत
तुम्हारे लिए
जन जन का विश्वास अटल
वीर कथा अमर
तुम्हारे लिए
रणध्वनि गूँजे नभ तल
शत्रु भयभीत हों
तुम्हारे लिए
धर्म रक्षा का प्रण
अमर रहे नाम
तुम्हारे लिए
सिंहासन से पहले राष्ट्र
सेवा भाव जगे
तुम्हारे लिए
वीर मराठा की शपथ
स्वराज्य पथ चले
तुम्हारे लिए
इतिहास लिखे स्वर्ण अक्षर
यश दीप जले
तुम्हारे लिए
जननी भूमि का मान
बलिदान सदा याद
तुम्हारे लिए
(लेखक दि ग्राम टुडे के संस्थापक एवं समूह सम्पादक हैं)



