
राम शब्द ही
राम की,अद्भुत
उपस्थित की,अहसास है
सृष्टि के कण कण में
बसा राम
सृष्टि विकास का
उन्नति का मंत्र है
राम शब्द ही
राममय, दुनिया की
पूंजी है ,धरोहर है
कहाँ नहीं है
राम है तो
हम है, सब कुछ है
सदियों से धरती पर
विराजमान ईश्वर का
सुख सुकून है
जो हर मानव मात्र
पशु पक्षी सभी प्राणियों का
रक्षक है
राम शब्द, ही
कल्याण कारक है
जिसने राम शब्द की
महिमा को समझ लिया
वह मानवीय सोच और चिंतन
का रक्षक है
सत् सत् वंदन
ईश्वरीय शक्ति
ईश्वरीय साधना
महा मंत्र
राम शब्द की व्याख्या को
राम शब्द के
अस्तित्व को महत्व को
जीवन सार्थक कर
सारी दुनिया को चौका देता है
राम, राम, राम
इससे बड़ा कोई नहीं
राम शब्द ही
वह ताकत है
वह सुकून है
जी हर सांस में विराजमान
हर मानव की
जीवंत उपस्थिति दर्ज करता
हुआ ईश्वर है
वंदन करता हूं
मानव मात्र पशु पक्षी सभी प्राणियों में दस्तक देता
विराजमान ईश्वर
राम को
उनके जन्मदिन पर
सारी दुनिया का
सत् सत् वंदन
प्रणाम
डॉ रामशंकर चंचल
झाबुआ मध्य प्रदेश



